माचिस का आविष्कार कब, किसने और कैसे किया?


माचिस शब्द अंग्रेजी के मैच से आया है इसका अर्थ है बत्ती या लैम्प की नोक. यूरोप में औद्योगिक क्रांति के दौरान सेल्फ इग्नाइटेड मैच की ईजाद हुई. पेरिस के प्रोफेसर के चैंसेल ने पोटेशियम क्लोरेट, गंधक, चीनी और रबर के घोल को लकड़ी में लपेटकर रोशन तीली 1805 में बनाई | 

माचिस का आविष्कार कब, किसने और कैसे किया?


उधर इंग्लैंड के केमिस्ट जॉन वॉकर ने 1826 ने पहली फ्रिक्शन मैच बनाई. इसमें एंटीमनी सल्फाइड, पोटेशियम क्लोरेट, गोंद और स्टार्च को लकड़ी पर लपेटा गया. सूखने के बाद इसे किसी खुरदुरी सतह पर रगड़ा गया तो आग पैदा हुई. सैमुअल जोन्स नाम के किन्हीं सज्जन ने इसे पेटेंट करा लिया. इसका नाम था ल्युसिफर मैच. नीदरलैंड्स में आज भी माचिस को ल्युसिफर कहते हैं


लेकिन माचिस का आविष्कार 31 दिसंबर 1827 में हुआ था। माचिस के आविष्कार का श्रेय जॉन वॉकर को ब्रिटेन के एक वैज्ञानिक थे। लेकिन इनके द्वारा बनायीं गयी माचिस को इस्तेमाल करने में काफी ज्यादा मेहनत लगती है और यह  काफी कठिन भी था। और इस माचिस को इस्तेमाल करने में भी काफी खतरा था। यह माचिस किसी भी खुरदरी जगह या लकड़ी पर रगड़ते ही आग पकड़ लेती थी।

इस माचिस को बनाने के लिए लकड़ी की तिल्ली पर एंटिमनी सल्फाइड, पोटासियम क्लोरेट, बबूल का गोंद या स्टार्च लगाया जाता था। और इसे आग पकड़ने के लिए रेगमाल पर रगड़ा जाता था। जिससे माचिस पर जो मसाला लगा होता था व जल उठता था। लेकिन इसके कारण जलते वक़्त चिंगारियो की छींटे छलकती थी और छोटे छोटे विस्फोट भी हो जाते थे। इसके आलावा तिल्ली पर लगे मसाले के जलने पर काफी बुरी गंध निकलती थी।

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माचिस का आविष्कार कब, किसने और कैसे किया? माचिस का आविष्कार कब, किसने और कैसे किया? Reviewed by ADMIN on May 13, 2019 Rating: 5

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