प्रकाश संश्लेषण क्या हैं (Photosynthesis in Hindi)


प्रकाश संश्लेषण (photosynthesis in Hindi) एक ऐसी प्रक्रिया है जिसमें पेड़-पौधे सूरज के प्रकाश और कार्बन डाई ऑक्साइड की मदद से अपना भोजन बनाते हैं अर्थात् वह क्रिया जिसमें हरे पौधे में उपस्थित क्लोरोफिल सूर्य प्रकाश को ग्रहण कर वायु से ली गई कार्बन डाई ऑक्साइड तथा मृदा से अवशोषित जल द्वारा कर्बोहाईड्रेट का निर्माण करतें है तथा ऑक्सीजन व् जल उत्पाद के रूप में निकलते है |

प्रकाश संश्लेषण क्या हैं (Photosynthesis in Hindi)


प्रकाश संश्लेषण पारिभाषा
प्रकाश संश्लेषण वह रासायनिक उपापचय किया हैं जिसके द्वारा अकार्बनिक सरल यौगिक जल तथा कार्बन डाईऑक्साइड को प्रकाशीय ऊर्जा के द्वारा कार्बोहाइड्रेड्स के रूप में बदल दिया जाता हैं |
6CO2 + 12H2O +सूर्य के प्रकाश की ऊर्जा + पर्ण हरित à C6H12O6 + 6H2O +6O2

यह एक आक्सीकरण अपचयन अभिक्रिया है जिसमें जल का आक्सीकरण ऑक्सीजन बनने में तथा कार्बन डाई ऑक्साइड का अपचयन कार्बोहाइड्रेट बनने में होता है इस क्रिया में क्लोरोफिल का महत्वपूर्ण स्थान होता है जो हरे पौधों की पत्तियों में पाया जाता है क्लोरोफिल के केंद्र में मैग्नीशियम का एक परमाणु होता है

क्लोरोफिल के दो भाग होतें है
1. ग्रेना
2. स्ट्रोमा

प्रकाश संश्लेषण अभिक्रिया दो प्रकार की होती है
1.प्रकाशीय क्रिया
2.अप्रकाशिय क्रिया

प्रकाशीय रासायनिक क्रिया
  • यह प्रकाश की उपस्थिति में होती है
  • यह पर्ण हरित के ग्रेना में सम्पन्न होती है
  • इसे हिल अभिक्रिया भी कहतें है
  • इसमें जल का अपघटन होकर हाइड्रोजन आयन व् इलेक्ट्रान बनता है तथा अंत में 18 ATP व् 12 NADPH2 ऊर्जा अणु बनाते है


प्रकाशहीन/अप्रकाशिक रासायनिक अभिक्रिया -
  • यह क्रिया स्ट्रोमा में सम्पन्न होती है
  • इसमें प्रकाशीय अभिक्रिया में बने ATP व् NADPH2 का अणुओं के उपयोग के द्वारा कार्बन डाई ऑक्साइड अपचयन होकर कार्बोहाइड्रेट बनता है


यह अप्रकाशिय अभिक्रिया दो प्रकार चक्रों द्वारा होती है
1.केल्विन बेंसन चक्र -C3 पादप 
2. हैच-स्लेक चक्र C4 पादप

केल्विन C3चक्र में प्रथम स्थायी उत्पाद -फस्फोग्लिस्रिक अम्ल बनता है यह चक्र यह मुख्यत द्विबीज पटरी पादपों में पाया जाता है

हैच स्लेक C4 चक्र में प्रथम स्थायी उत्पाद -ओक्सेलो ऐसीटिक अम्ल बनता है यह मुख्यतः एक बीज पत्री पादपों में पाया जाता है जैसे मक्का. यह चक्र CO2 की कम सान्ध्र्ता अधिक तापमान वाले स्थानों /उष्ण कटिबंधीय मरुस्थलीय पौधों में पाया जाता है यह CO2 का अधिक प्रयोग करतें है तथा एक ग्लूकोज़ अनु के संश्लेष्ण में 30 ATP की आवश्यकता होती है जबकि C3 चक्र में 18

प्रकाश संश्लेष्ण रासायनिक अभिक्रिया को प्रभावित करने वाले करक -
  • यह क्रिया केवल दृश्य प्रकाश में होती है
  • सम्पूर्ण प्रक्रिया सम्पन्न होने के लिए अँधेरा व् प्रकाश दोनों की आवश्यकता होती है
  • यह क्रिया लाल रंग के प्रकाश में सर्वाधिक तथा..बैंगनी रंग के प्रकाश में सबसे कम होती है ..एंव पराबैंगनी, अवरक्त, हरे व् पीले प्रकाश में बिल्कुल नही होती है
  • तापक्रम बढ़ने पर एक सीमा 37 डिग्री तक इसकी दर में वृद्धि होती है
  • CO2 की संध्र्ता एक सीमा तक बढ़ने पर इस अभिक्रिया कि दर में वृद्धि होती है लेकिन बाद में विपरीत असर देती है
  • जल के आभाव में वस्पोत्स्र्जन की दर कम हो जाती है
  • प्रकाश संश्लेसन में निकलने वाली ऑक्सीजन जल से निकलती है
  • कुछ जीवाणुओं में भी प्रकाश संश्लेषण की अभिक्रिया होती है लेकिन उनमे उपुत्पाद ऑक्सीजन न बनकर हाइड्रोजन बनता है


Photosynthesis IN Plants (प्रकाश संश्लेषण हिंदी में)
  • सजीव कोशिकाओं के द्वारा प्रकाशीय उर्जा को रासायनिक ऊर्जा में परिवर्तित करने की क्रिया को प्रकाश संश्लेषण (फोटोसिन्थेसिस) कहते है।
  • प्रकाश संश्लेषण वह क्रिया है जिसमें पौधे अपने हरे रंग वाले अंगो जैसे पत्ती, द्वारा सूर्य के प्रकाश की उपस्थिति में वायु से कार्बनडाइऑक्साइड तथा भूमि से जल लेकर जटिल कार्बनिक खाद्य पदार्थों जैसे कार्बोहाइड्रेट्स का निर्माण करते हैं तथा आक्सीजन (O2) बाहर निकालते हैं।
  • प्रकाश संश्लेषण की प्रक्रिया में सूर्य के प्रकाश की उपस्थिति में पौधों की हरी पत्तियों की कोंशिकाओं के अन्दर कार्बन डाइआक्साइड और पानी के संयोग से पहले साधारण कार्बोहाइड्रेट और बाद में जटिल काबोहाइड्रेट का निर्माण होता है।
  • इस प्रक्रिया में आक्सीजन एवं ऊर्जा से भरपूर कार्बोहाइड्रेट (सूक्रोज, ग्लूकोज, स्टार्च (मंड) आदि) का निर्माण होता है तथा आक्सीजन गैस बाहर निकलती है। जल, कार्बनडाइऑक्साइड, सूर्य का प्रकाश तथा क्लोरोफिल (हरितलवक) को प्रकाश संश्लेषण का अवयव कहते हैं। इसमें से जल तथा कार्बनडाइऑक्साइड को प्रकाश संश्लेषण का कच्चा माल कहा जाता है।
  • प्रकाश संश्लेषण की प्रक्रिया सबसे महत्वपूर्ण जैवरासायनिक अभिक्रियाओं में से एक है। सीधे या परोक्ष रूप से दुनिया के सभी सजीव इस पर आश्रित हैं। प्रकाश संश्वेषण करने वाले सजीवों को स्वपोषी कहते हैं।
  • रासायनिक समीकरण 6 CO2 + 12 H2O + प्रकाश + क्लोरोफिल → C6H12O6 + 6 O2 + 6 H2O + क्लोरोफिल कार्बन डाईआक्साइड + पानी + प्रकाश + क्लोरोफिल ग्लूकोज + ऑक्सीजन + पानी + क्लोरोफिल

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