घर्षण बल (Friction) या घर्षण क्या हैं? घर्षण के नियम Laws of friction in Hindi


यदि किसी क्षैतिज मेज पर रखी पुस्तक को किसी वेग से धकेल दिया जाये अथवा किसी गेंद को फर्श पर किसी वेग से लुढ़का दिया जाये तो ये दोनों थोड़ा चलने के पश्चात रुक जाती है । इन उदाहरणों से स्पष्ठ है कि पुस्तक तथा गेंद दोनों पर कोई  ऐसा बल लगता है जो इनकी गति का विरोध करता है । इस बल को ही घर्षण बल (Friction) कहते हैं |

घर्षण बल (Friction) या घर्षण क्या हैं? घर्षण के नियम Laws of friction in Hindi

यह बल मेज तथा पुस्तक एंव गेंद तथा फर्श के अणुओं के बीच पारस्परिक क्रिया से उत्पन्न होता है घर्षण बल का मुख्य कारण दोनों वस्तुओं की सम्पर्क सतहों के परमाणुओं तथा अणुओं के बीच लगने वाला वैद्युत - चुम्बकीय बल ही है ।
जब कोई वस्तु किसी सतह पर फिसलती है तो स्पर्शी तलों के मध्य एक विरोधी बल कार्य करने लगता है जो गति के विपरीत दिशा में कार्य करता है इसी विरोधी बल को घर्षण बल कहते हैं

घर्षण के नियम (Laws of friction)

घर्षण बल अभिलम्ब प्रतिक्रिया R के अनुक्रमानुपाती होता है |
                               f∝R
घर्षण बल वस्तु के गति की दिशा के विपरीत दिशा में कार्य करता है |
यह बल सतह की प्रकृति पर निर्भर करता है |
घर्षण बल संपर्क तलों के क्षेत्रफल पर नहीं निर्भर करता |

घर्षण बल से लाभ और हानि

घर्षण बल से लाभ यह है कि हम घर्षण के कारण ही पृथ्वी पर बिना फिसले चल सकते है|
सभी वाहनों में ब्रेक घर्षण बल के कारण ही लगता है |
घर्षण बल के कारण ही हम बोर्ड पर  लिख सकते है|
इस बल से हानि यह है कि घर्षण के कारण ही मशीनों में उर्जा के  कुछ भाग की हानी  और मशीनों में टूट-फूट होती हैं |
घर्षण बल (Friction) या घर्षण क्या हैं? घर्षण के नियम Laws of friction in Hindi घर्षण बल (Friction) या घर्षण क्या हैं? घर्षण के नियम Laws of friction in Hindi Reviewed by ADMIN on June 09, 2019 Rating: 5

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