प्रकाश का परावर्तन और नियम Reflection of Light In Hindi


प्रकाश एक प्रकार की ऊर्जा है। प्रकाश एक प्रकार की वैद्युतचुंबकीय तरंगे हैं जिनके लिए हमारी आँखे संवेदनशील होती है अर्थात प्रकाश वैद्युतचुंबकीय स्पेक्ट्रम का वह एक छोटा परिसर है जिसके लिए प्रकृति ने मानव नेत्र के दृष्टि पटल को वैद्युत चुंबकीय तरंगों को सुग्राहिता सहित संसूचित कर सकने योग्य बनाया है।
प्रकाश का परावर्तन और नियम Reflection of Light In Hindi

प्रकाश की परिभाषा
प्रकाश ऊर्जा का वह स्रोत है जिसकी सहायता से हमें वस्तुएँ दिखाई देती हैं। जब प्रकाश किसी वस्तु पर आपतित होता है, तो वह परिवर्तित होकर हमारी आँखों तक पहुंचती है जिसके फलस्वरूप वस्तुएँ हमें दिखाई देती हैं।

प्रकाश के परावर्तन के क्या नियम है?
जब कोई प्रकाश की किरण एक माध्यम से चलकर दूसरे माध्यम की सतह से टकराकर वापस उसी माध्यम मेँ लौट आती हैँ तो इस घटना को प्रकाश का परावर्तन कहते हैँ |

परावर्तन के Laws/नियम:-
आपतित किरण, परावर्तित किरण, अभिलम्ब एक ही तल मेँ होते है |
आपतन कोण, परावर्तन कोण बराबर |
परावर्तित किरण की आवृत्ति एवं चाल अपरिवर्तित रहती है |

प्रकाश का वेग 3*10 की घात 8 मीटर/सैकण्ड |

प्रकाश की तरंग देर्ध्य परास-
प्रकाश वैद्युतचुंबकीय स्पेक्ट्रम में तरंग देर्ध्य लगभग 400 नेनोमीटर से 750 नेनोमीटर के मध्य स्थित होता है।

प्रकाश दृष्टि की संवेदना का कारण-
प्रकाश एवं दृष्टि की संवेदना के कारण ही हम अपने चारों ओर के संसार को समझते एवं उसकी व्याख्या करते हैं।

प्रकाश की मुख्य बातें-
अपने सामान्य अनुभव से हम अपनी अंतर्दृष्टि द्वारा प्रकाश के बारे में निम्न बातों का उल्लेख कर सकते हैं।
1. पहली, यह अत्यधिक तीव्र चाल से गमन करता है तथा,
2. दूसरी, यह सरल रेखा में गमन करता है।
3. प्रकाश परावर्तन, अपवर्तन, विक्षेपण, व्यतिकरण, विवर्तन तथा ध्रुवण की परिघटनाएं प्रदर्शित करता है।

प्रकाश की चाल (c)-
 प्रकाश की चाल (c) परिमित है तथा इसका वर्तमान में निर्वात में मान्य मान c = 2.99792458 × 108 m s–1  है।
अनेक प्रयोजनों के लिए, इसका मान c = 3 × 108 m s–1 पर्याप्त है।
प्रकृति में प्राप्य उच्चतम चाल निर्वात में प्रकाश की चाल ही है।

प्रकाश किरण व प्रकाश-पुंज-
प्रकाश तरंग को एक बिंदु से दूसरे बिंदु तक किसी सरल रेखा के अनुदिश गमन करते हुए माना जा सकता है। इस पथ को प्रकाश किरण कहते हैं तथा इसी प्रकार की किरणों के समूह को प्रकाश-पुंज कहते हैं।

प्रकाश से सम्बंधित महत्वपूर्ण प्रश्नों के उत्तर हिंदी में जाने

प्रश्न - प्रकाश क्या है ।
उत्तर - प्रकाश ऊर्जा का वह रूप है जिसकी सहायता से हमें वस्तुएँ दिखाई देती है ।

प्रश्न - वस्तुएँ हमें किस वजह से दिखाई देती है ?
उत्तर - प्रकाश के परावर्तन के कारण ।

प्रश्न - प्रकाश के प्राकृतिक स्रोत है ।
उत्तर - सूर्य, तारे आदि ।

प्रश्न - प्रकाश के कृतिम स्रोत है ।
उत्तर - मोमबत्ती, विद्युत् बल्ब आदि ।

प्रश्न - दीप्त प्रकाश स्रोत किसे कहते हैं ?
उत्तर - ऐसे प्रकाश स्रोत जो स्वयं प्रकाश उत्पन्न करते हैं, उन्हें दीप्त प्रकाश कहते हैं । जैसे - सूर्य, तारे, विद्युत् बल्ब आदि ।

प्रश्न - दीप्त प्रकाश के प्राकृतिक स्रोत हैं ।
उत्तर - सूर्य, तारे आदि।

प्रश्न - अदीप्त प्रकाश स्रोत किसे कहते हैं ?
उत्तर - ऐसे प्रकाश स्रोत जो स्वयं प्रकाश उत्पन्न नही करते हैं, बल्कि दीप्त स्रोतों के प्रकाश को परावर्तित कर प्रकाश देते हैं । उन्हें अदीप्त प्रकाश स्रोत कहते हैं । जैसे - चन्द्रमा, शीशा

प्रश्न - साधारणतया प्रकाश किस रेखा में गमन करता है ?
उत्तर - सरल रेखा में ।

प्रश्न - निर्वात में प्रकाश की चाल है।
उत्तर - 3 x 108 मी/से

प्रश्न - प्रकाश का परावर्तन होता है ।
उत्तर - चमकदार पृष्ठों से

प्रश्न - प्रकाश अपने पथ से कब विचलित होता है ?
उत्तर - जब प्रकाश एक माध्यम से दूसरे माध्यम में प्रवेश करता है

प्रश्न - दृश्य प्रकाश की तरंगदैर्ध्य है ।
उत्तर - 4000 Å से 8000 Å तक

प्रश्न - प्रकाशिक माध्यम किसे कहते हैं ?
उत्तर - प्रकाश जिन माध्यमो से होकर गुजरता है, उसे प्रकाशिक माध्यम कहते हैं।

प्रश्न - पारदर्शक माध्यम कसे कहते हैं ?
उत्तर - जिन माध्यमो से प्रकाश का अधिकांश भाग गुजर जाता है उसे पारदर्शक माध्यम कहते हैं

प्रश्न - पारभासक माध्यम किसे कहते हैं ?
उत्तर - जिन माध्यमो से प्रकाश का केवल आंशिक भाग ही गुजर पाता है, उसे पारभासक माध्यम कहते हैं

प्रश्न - अपारदर्शक माध्यम किसे कहते हैं?
उत्तर - जिन माध्यमो से प्रकाशका कोई भी भाग नही गुजर पाता है, उसे अपारदर्शक माध्यम कहते हैं

प्रश्न - प्रकाश किरण किसे कहते हैं?
उत्तर - जब प्रकाश किसी पारदर्शी माध्यम से सरल रेखा में गमन करता है तब प्रकाश के पथ को प्रकाश किरण कहते हैं।

प्रश्न - परावर्तित किरण किसे कहते हैं?
उत्तर - वह प्रकाश किरण जो समतल पृष्ठ से टकराकर उसी माध्यम में लौट जाती हैं, परावर्तित किरण कहलाती हैं।

प्रश्न - अपातन बिन्दु किसे कहते हैं?
उत्तर - आपतित किरण परावर्तक पृष्ठ के जिस बिन्दु पर आकर टकराती है वह बिन्दु आपतन बिन्दु कहलाता है

प्रश्न - अभिलम्ब किसे कहते हैं?
उत्तर - आपतन बिन्दु से पृष्ठ के लम्बवत खींची गयी रेखा अभिलम्ब कहलाती है

प्रश्न - आपतन कोण किसे कहते है?
उत्तर - आपतित किरण तथा अभिलम्ब के मध्य बना कोण आपतन कहलाता हैं

प्रश्न - परावर्तन कोण किसे कहते हैं?
उत्तर - परावर्तित किरण तथा अभिलम्ब के मध्य बना कोण परावर्तन कोण कहलाता है

प्रश्न - परावर्तन को कितने भागो में बांटा गया है?
उत्तर - परावर्तक पृष्ठों कि प्रकृति के अनुसार, परावर्तन को दो भागों में बांटा गया है
1). नियमित परावर्तन
 2). अनियमित या विसरित परावर्तन

प्रश्न - नियमित परावर्तन किसे कहते हैं?
उत्तर - जब प्रकाश का परावर्तन किसी चिकनी सतह से होता है, तो प्रकाश किरणे परावर्तन के पश्चात् एक-दूसरे के समान्तर होती हैं। इस प्रकार के परावर्तन को नियमित परावर्तन कहते हैं।

प्रश्न - अनियमित या विसरित परावर्तन किसे कहते हैं?
उत्तर - जब प्रकाश का परावर्तन किसी खुदरे सतह से होता है, तो प्रकाश किरणे परावर्तन के पश्चात् विभिन्न दिशाओं में फ़ैल जाती हैं। इस प्रकार के परावर्तन को नियमित या विसरित परावर्तन कहते हैं।

प्रश्न - प्रकाश पुंज किसे कहते हैं?
उत्तर - प्रकाश किरणों के समूह को प्रकाश पुंज कहते हैं।

प्रश्न - प्रकाश पुंज कितने प्रकार के होते हैं?
उत्तर - प्रकाश पुंजतीन प्रकार के होते हैं।
1). अभिसारी प्रकाश पुंज
2). अपसारी प्रकाश पुंज
3). समान्तर प्रकाश पुंज

प्रश्न - अभिसारी प्रकाश पुंज किसे कहते हैं?
उत्तर - जब प्रकाश की सभी किरणे एक ही बिन्दु पर मिलती है, तो उन प्रकाश किरणों के समूह को अभिसारी प्रकाश पुंज कहते हैं।

प्रश्न - अपसारी प्रकाश पुंज कहते हैं?
उत्तर - जब प्रकाश की समस्त किरणे एक ही बिन्दु से आती हुई प्रतीत होती है, तो उन प्रकाश किरणों के समूह को अपसारी प्रकाश पुंज कहते हैं।

प्रश्न - समांतर प्रकाश पुंज किसे कहते हैं?
उत्तर - जब प्रकाश की समस्त किरने एक-दूसरे के समान्तर होती हैं, तो उन प्रकाश किरणों के समूह को समान्तर प्रकाश पुंज कहते हैं।

प्रश्न - प्रकाश का परावर्तन किसे कहते हैं?
उत्तर - जब प्रकाश किसी चिकनी सतह से टकराकर वापस उसी माध्यम में लौटती हैं, तो इसे प्रकाश का परावर्तन कहते हैं।

प्रश्न - परावर्तक पृष्ठ किसे कहते हैं?
उत्तर - जिस पृष्ठ से प्रकाश परावर्तित होकर वापस लौटती है, उस पृष्ठ को परावर्तक पृष्ठ कहते हैं।

प्रश्न - आपतित किरण किसे कहते हैं?
उत्तर - वह प्रकाश किरण जो समतल पृष्ठ पर आकर टकराती हैं, आपतित किरण कहलाती हैं।

प्रश्न - परावर्तन के कितने नियम हैं?
उत्तर - परावर्तन के दो नियम हैं।
1). जब आपतित किरण, परावर्तित किरण तथा आपतन बिन्दु पर डाला गया लम्ब तीनो एक ही पृष्ठ पर हों।
2). जब आपतन को, परावर्तन कोण के बराबर हो।

प्रश्न - प्रकाश की उत्क्रमणीयता किसे कहते हैं?
उत्तर - प्रकाश में अपने गमन पथ को उत्क्रमित करने का गुण निहित होता है। प्रकाश के इस गुण को प्रकाश की उत्क्रमणीयता कहते हैं।
प्रकाश का परावर्तन और नियम Reflection of Light In Hindi प्रकाश का परावर्तन और नियम Reflection of Light In Hindi Reviewed by ADMIN on June 08, 2019 Rating: 5

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