श्वेत पत्र का मतलब होता है ऐसा दस्तावेज जिसमें सम्बद्ध विषय से जुड़ी व्यापक जानकारी दी जाती है। इस शब्द की शुरुआत ब्रिटेन से हुई है। सन 1922 में चर्चिल ह्वाइट पेपरसम्भवतः पहला श्वेत पत्र था। 

यह दस्तावेज इस बात की सफाई देने के लिए था कि ब्रिटिश सरकार यहूदियों के लिए फलस्तीन में एक नया देश इसरायल बनाने के लिए 1917 की बालफोर घोषणा को किस तरह अमली जामा पहनाने जा रही है। कनाडा तथा दूसरे अन्य देशों में भी ऐसी परम्परा है। यह जारी करना परिस्थितियों पर निर्भर करता है।

सन 1947 में जब कश्मीर पर पाकिस्तानी हमला हुआ था उसके बाद 1948 में भारत सरकार ने एक दस्तावेज जारी करके अपनी तरफ से पूरी स्थिति को स्पष्ट किया था। मई 2012 में भारत सरकार ने काले धन पर और हाल में रेलवे को लेकर श्वेत पत्र जारी किया है। इस बीच अनेक विषयों पर श्वेत पत्र जारी हुए हैं।

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