बादल का फटना क्या होता हैं क्यों फटते हैं बादल? What is Cloudburst?

बादल का फटना क्या होता हैं क्यों फटते हैं बादल? What is Cloudburst?

बादल क्यों और कैसे फटते हैं? इसका क्या कारण है?

बादल फटने का अर्थ आसमान से अचानक बड़ी जलधार का गिरना है। जब वातावरण में बहुत ज्यादा नमी होती है और भारी पानी के साथ कपासी वर्षी (क्यूम्यूलोनिंबस) बादल ऊपर उठते हैं और उन्हें आगे बढ़ने का रास्ता नहीं मिलता तब सारा पानी वहीं गिर जाता है।

कपासी वर्षी मेघ लम्बवत काफी ऊँचे होते हैं। आमतौर पर ऊँचे पहाड़ों से टकराने के बाद वे फटते हैं। बादलों की यह ऊँचाई 15 किलोमीटर या उससे ज्यादा हो सकती है। यह एक तरीके से पानी भरे बैलून का फटना है। उनकी बूँदों का आकार सामान्य बूँदों से कहीं बड़ा होता है। यह बादल फटने की सरल व्याख्या है।

इसकी दूसरी स्थितियाँ भी  हो सकती हैं। मसलन सर्द और गर्म हवाएं विपरीत दिशाओं से टकराने से भी बादल फटते हैं। 26 जुलाई 2005 को मुम्बई में इसी तरह बादल फटे थे। 18 जुलाई 2009 को पाकिस्तान के कराची शहर में भी ऐसा ही हुआ। वहाँ दो घंटे में 250 मिमी बारिश हो गई। इस घटना में गरज के साथ ओले भी गिरते हैं। पानी इतना ज्यादा होता है कि कि कुल देर के लिए प्रलय जैसी लगने लगती है। एक घंटे में 75 मिली मीटर तक बारिश हो जाती है।

बादल का फटना क्या होता हैं क्यों फटते हैं बादल? What is Cloudburst? बादल का फटना क्या होता हैं क्यों फटते हैं बादल? What is Cloudburst? Reviewed by ADMIN on 01:29 Rating: 5

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