स्वतंत्रता लोकतंत्र और गणतंत्र में क्या अंतर है?


लोकतंत्र का अर्थ- लोकतंत्र एक व्यवस्था का नाम है। यानी हम जब भी फैसले करें तब यथेष्ट लोगों की सहमति हो। हालांकि यह अनिवार्य नहीं, पर व्यवहारिक बात है कि उसकी संवैधानिक व्यवस्था भी होनी चाहिए।

जब शासन पद्धति पर यह लागू हो तो शासन व्यवस्था लोकतांत्रिक होती है। इसमें हिस्सा लेने वाले या तो आमराय से फैसले करते हैं और यदि ऐसा न हो तो मत-विभाजन से करते हैं। ये निर्णय सामान्य बहुमत से और कई बार ज़रूरी होने पर विशेष बहुमत से भी होते हैं। मसलन कुछ परिस्थितियों में दो तिहाई मत से भी निर्णय किए जाते हैं।

गणतंत्र का अर्थ- गणतंत्र का अर्थ वह शासन पद्धति जहाँ राज्य प्रमुख का निर्वाचन सीधे जनता करे या जनता के प्रतिनिधि करें। यानी राष्ट्रप्रमुख वंशानुगत या तानाशाही तरीके से सत्ता पर कब्जा करके न आया हो। कुछ ऐसे देश भी हैं, जहाँ शासन पद्धति लोकतांत्रिक है, पर राष्ट्राध्यक्ष लोकतांत्रिक तरीके से नहीं चुना जाता। जैसे युनाइटेड किंगडम, जहाँ राष्ट्राध्यक्ष सम्राट होता है, जिसके परिवार के सदस्य ही राष्ट्राध्यक्ष बनते हैं। वह लोकतंत्र है, गणतंत्र नहीं। भारत में लोकतांत्रिक सरकार है और राष्ट्रपति का चुनाव होता है इसलिए यह गणतंत्रात्मक व्यवस्था भी है।

स्वतंत्रता लोकतंत्र और गणतंत्र में क्या अंतर है? स्वतंत्रता लोकतंत्र और गणतंत्र में क्या अंतर है? Reviewed by ADMIN on June 07, 2019 Rating: 5

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